GRE का विश्लेषणात्मक लेखन और निबंध का स्कोर
GRE के विश्लेषणात्मक लेखन में किसी मुद्दे पर अपना पक्ष लेकर उसे कारणों और उदाहरणों से समझाना होता है। सवाल के साथ दी गई हिदायत से तय होता है कि दावे को किन शर्तों या परिस्थितियों के संदर्भ में जाँचना है। निबंध का अलग स्कोर मिलता है।
अंतिम अपडेट:
GRE का विश्लेषणात्मक लेखन किसी मुद्दे का विश्लेषण करने का काम है जिसमें तुम्हारी अपनी दलील केंद्र में होती है। ETS की हिदायत पढ़ने के बाद अभ्यास के लिए मान लो कि किसी कॉलेज को अपनी पूरी खेल निधि एक ही टीम पर लगाने का सुझाव मिला है। अपना पक्ष तय करने से पहले सोचो कि सुझाव किस परिस्थिति में उचित लग सकता है और कब उससे बाकी विद्यार्थियों को नुकसान होगा।
उदाहरण के बाद वह वाक्य भी लिखो जो बताता है कि उससे तुम्हारी बात कैसे सिद्ध होती है। GRE जनरल टेस्ट में इस लेखन का स्कोर 0 से 6 तक आधे अंक के अंतराल पर आता है। रिपोर्ट पढ़ते समय आधिकारिक स्कोर विवरण में इसी मापनी को देखो।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या किसी एक पक्ष को सही माना जाता है?
हिदायत के अनुसार ऐसा पक्ष चुनो जिसके समर्थन में तुम ठोस तर्क दे सको।
उदाहरण जोड़ने के बाद क्या जाँचूँ?
वह वाक्य पहचानो जो उदाहरण को तुम्हारे दावे से जोड़ता है।
लेखन का स्कोर कहाँ दिखता है?
रिपोर्ट में विश्लेषणात्मक लेखन के लिए अलग स्कोर दिया जाता है।
आधिकारिक स्रोत

