जोसा क्या है और इंजीनियरिंग की सीट कैसे मिलती है?
जोसा यानी जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी भाग लेने वाले आईआईटी, एनआईटी और अन्य तकनीकी संस्थानों के लिए संयुक्त सीट आवंटन चलाती है। अभ्यर्थी अपनी पात्रता के अनुसार संस्थान और पाठ्यक्रम के विकल्प क्रम से भरते हैं। सीट का आवंटन संबंधित रैंक, वरीयता, सीट की श्रेणी और उपलब्धता पर निर्भर करता है।
अंतिम अपडेट:
जोसा वह प्राधिकरण है जो भाग लेने वाले तकनीकी संस्थानों की प्रवेश सीटों का संयुक्त आवंटन करता है। जेईई का परिणाम आने के बाद अभ्यर्थी इसके पोर्टल पर संस्थान और शाखा की जोड़ियाँ चुनता है। हर जोड़ी सूची में एक अलग विकल्प होती है, भले ही संस्थान का नाम एक हो।
मसलन, किसी छात्र को एक ही एनआईटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग दोनों पसंद हैं। अगर वह इलेक्ट्रिकल को प्राथमिकता देता है तो अपनी वरीयता सूची में उसे सिविल से ऊपर रखेगा। आवंटन में उसकी सूची के क्रम के साथ उसकी रैंक और उसके लिए उपलब्ध सीटें देखी जाएँगी।
ExamLuma कैसे मदद करता है
अध्ययन योजना ट्रैक करता है। ↗
दैनिक अध्ययन लक्ष्य और प्रगति ट्रैक करता है। ↗
पूर्ण किए गए अध्ययन सत्रों का लॉग रखता है। ↗

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जोसा का अंग्रेज़ी नाम क्या है?
इसका अंग्रेज़ी नाम Joint Seat Allocation Authority है। इसे संक्षेप में JoSAA लिखा जाता है।
क्या केवल संस्थान चुनना होता है?
वरीयता सूची में विकल्प एक संस्थान और वहाँ के एक शैक्षणिक कार्यक्रम का मेल होता है।
सीट मिलने का नतीजा कहाँ दिखता है?
जोसा पोर्टल पर अपने खाते में आवंटन और सीट स्वीकार करने के लिए ज़रूरी कदम देखे जा सकते हैं।
आधिकारिक स्रोत
- Joint Seat Allocation Authority · Joint Seat Allocation Authority
- Business Rules for Joint Seat Allocation · Joint Seat Allocation Authority

