कुल प्राप्तांक
कुल प्राप्तांक वे अंक हैं जो परीक्षा की अंक योजना के अनुसार उसके अलग हिस्सों का परिणाम मिलाने पर बनते हैं। इनका अर्थ समझने के लिए उस परीक्षा के पूर्णांक और हर हिस्से की गणना का तरीका साथ देखो। विषयवार अंक बताते हैं कि कुल में किस विषय का कितना योगदान है।
अंतिम अपडेट:
कुल प्राप्तांक अलग-अलग हिस्सों के अंकों को परीक्षा के तय नियम से मिलाने पर मिलने वाला परिणाम है। मान लो कि तुम नीट का अभ्यास प्रश्नपत्र जाँच रहे हो। भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान के लिए अलग जगह बनाओ। हर विषय में सही जवाबों के अंक और गलत जवाबों की कटौती का हिसाब करने के बाद विषयवार परिणाम जोड़ो। कटौती पहले ही कर ली है तो कुल निकालते समय उसे दोबारा घटाने से अंक बदल जाएँगे।
अब अपनी कॉपी किसी साथी की कॉपी से मिलाओ जिसके कुल अंक तुम्हारे जितने हैं। संभव है कि तुम्हें प्रकाशिकी में अभ्यास चाहिए और उसे आनुवंशिकी में। अभ्यास प्रश्नपत्र की समीक्षा करते समय दोनों अपनी अगली अभ्यास सूची में उसी विषय के सवाल रखें जिसमें गलती मिली।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्राप्तांक और पूर्णांक में क्या फर्क है?
प्राप्तांक तुम्हारे अर्जित अंक हैं। पूर्णांक उस पेपर में मिल सकने वाले अधिकतम अंक हैं।
दो छात्रों के कुल अंक बराबर हों तो क्या विषयवार अंक भी बराबर होंगे?
कुल बराबर रह सकता है जबकि एक को भौतिकी में और दूसरे को जीवविज्ञान में ज़्यादा अंक मिले हों।
अगला अध्याय चुनने के लिए क्या देखूँ?
विषयवार अंकों के साथ गलत हुए प्रश्न देखो और पहचानो कि किस अध्याय में एक ही गलती दोहराई गई।
आधिकारिक स्रोत
- NEET (UG) Information Bulletin · National Testing Agency

