शब्दावली

JEE Main में नेगेटिव मार्किंग कैसे काम करती है?

नेगेटिव मार्किंग वह व्यवस्था है जिसमें गलत उत्तर देने पर अंक कटते हैं। परीक्षा की मार्किंग स्कीम बताती है कि सही उत्तर, गलत उत्तर और खाली छोड़े गए प्रश्न का स्कोर पर क्या असर होगा। JEE Main का अभ्यास करते समय जिस पेपर के सवाल हल किए हैं, उसी के अंक देने के नियम देखो।

अंतिम अपडेट:

नेगेटिव मार्किंग गलत उत्तर देने पर कुल अंकों में होने वाली कटौती है। मसलन, मान लो कि तुमने रसायन विज्ञान के अभ्यास में एक सवाल हल करके गलत विकल्प चुना और अगला सवाल खाली छोड़ दिया। जब तुम उत्तर मिलाओगे, तो पहले सवाल की कटौती सही उत्तरों से कमाए गए अंकों में से घटेगी। खाली सवाल के लिए न अंक जुड़ेंगे, न कटेंगे।

इसलिए केवल सही जवाब गिनकर अभ्यास का स्कोर निकालने से गलत तस्वीर मिल सकती है। अपनी कॉपी में गलत और खाली जवाब अलग रखो। अगर किसी सवाल में तुम दो विकल्पों के बीच उलझे थे, तो नेगेटिव मार्किंग में उत्तर चुनने की रणनीति की मदद से उस फैसले की समीक्षा करो।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्किंग स्कीम कहाँ मिलती है?

NTA के JEE Main सूचना बुलेटिन में अपने पेपर की अंक तालिका देखो। उसमें प्रश्न के प्रकार के अनुसार नियम दिए होते हैं।

क्या खाली उत्तर भी गलत गिना जाता है?

JEE Main की इंजीनियरिंग परीक्षा में खाली छोड़े गए सामान्य प्रश्न पर शून्य अंक मिलते हैं। गलत उत्तर देने पर अंक कटते हैं।

क्या अंक केवल विकल्प वाले प्रश्नों में कटते हैं?

इंजीनियरिंग पेपर में संख्यात्मक प्रश्न का गलत उत्तर देने पर भी एक अंक कटता है।

आधिकारिक स्रोत

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