जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड में क्या अंतर है?
जेईई मेन इंजीनियरिंग सहित विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा है। इसके बीई और बीटेक पेपर की रैंक से एनआईटी समेत कई संस्थानों में प्रवेश मिल सकता है। भारतीय अभ्यर्थियों के लिए इसी पेपर का प्रदर्शन जेईई एडवांस्ड में बैठने की पात्रता की एक शर्त भी है।
अंतिम अपडेट:
जेईई मेन एनटीए की प्रवेश परीक्षा है, जिसके बीई और बीटेक पेपर की रैंक से एनआईटी और कई अन्य तकनीकी संस्थानों में इंजीनियरिंग की सीट के लिए आवेदन किया जा सकता है। जेईई एडवांस्ड अलग परीक्षा है। आईआईटी के बीटेक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए उसकी रैंक देखी जाती है।
मान लीजिए, किसी भारतीय छात्र को एनआईटी और आईआईटी दोनों में मैकेनिकल इंजीनियरिंग पसंद है। एनआईटी के लिए वह मेन की रैंक देखेगा। आईआईटी का विकल्प खुला रखने के लिए उसे एडवांस्ड की पात्रता जाँचकर उसका पंजीकरण भी करना होगा। बाद में जोसा की वरीयता सूची में वह अपनी पात्रता के अनुसार उपलब्ध विकल्प रख सकेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या आईआईटी में बीटेक के लिए मेन की रैंक चलेगी?
आईआईटी में इस रास्ते से बीटेक के लिए जेईई एडवांस्ड की रैंक और प्रवेश की अन्य शर्तें लागू होती हैं।
क्या एनआईटी के लिए एडवांस्ड देना होता है?
एनआईटी के बीटेक कार्यक्रमों के लिए जेईई मेन के बीई और बीटेक पेपर की रैंक इस्तेमाल होती है।
मेन में अच्छा प्रदर्शन करने पर एडवांस्ड का आवेदन अपने आप हो जाता है?
पात्र अभ्यर्थी को एडवांस्ड की वेबसाइट पर अलग से पंजीकरण करना होता है।
आधिकारिक स्रोत
- Eligibility criteria for JEE Advanced · JEE Advanced
- Joint Seat Allocation Business Rules · Joint Seat Allocation Authority

