प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए 90 दिन की योजना
अपनी पिछली अभ्यास कॉपी में वह पंक्ति ढूँढ़ो जहाँ से हल गलत दिशा में गया था। शुरुआत में उससे जुड़ी बुनियादी समझ पर काम करो। फिर अलग तरह से पूछे गए सवाल में वही समझ आज़माओ। आखिरी दौर में समय बाँधकर अभ्यास करो और अगली बैठक का काम अपनी गलतियों के आधार पर चुनो।
अंतिम अपडेट:
सही उत्तर के नीचे भी अपना तरीका देखो
मान लो कि तुम JEE Main की तैयारी कर रहे हो। कोचिंग की शीट में वर्गमूल वाला समीकरण है। तुमने दोनों पक्षों का वर्ग किया, हल निकाला और उत्तर पर गोला लगा दिया। शिक्षक ने उस पर लिखा है कि निकले हुए मान मूल समीकरण में रखकर देखो। तुम अपने स्टडी प्लान में बस “बीजगणित” लिखोगे तो अगली बार पूरी शीट फिर खोलनी पड़ेगी। उसकी जगह लिखो कि वर्ग करने के बाद मिले हर मान को मूल समीकरण में जाँचना है। अब तुम्हारे पास अगली बैठक शुरू करने का सवाल भी है और उसे पूरा मानने की कसौटी भी।
अपनी कॉपी के हाशिये में उस पंक्ति पर निशान लगाओ जहाँ फैसला लेना था। हो सकता है कि तुम्हें वर्ग करना अच्छी तरह आता हो और चूक सिर्फ जाँच में हुई हो। ऐसे में पूरे अध्याय का वीडियो फिर से देखने से पहले अपना अधूरा हल पूरा करो। अगर जाँच में कोई मान हटाने की वजह अभी धुँधली है, तो शिक्षक का हल किया हुआ उदाहरण खोलो और उसमें मिले हर मान को मूल समीकरण में रखकर देखो। इस फर्क से तय होगा कि तुम समय कहाँ लगाओगे।
विषय की सूची को काम के क्रम में बदलो
कागज़ को बीच से मोड़ो। बाईं तरफ वह काम लिखो जो मदद लेकर हो रहा है और दाईं तरफ वह जो तुम खुद कर पा रहे हो। विषय को दाईं तरफ तभी ले जाओ जब बदले हुए सवाल में अपना कदम समझा सको। पढ़ाई की योजना पर शोध आधारित मार्गदर्शिका हल किए हुए उदाहरण के साथ खुद सवाल हल करने और अंतराल के बाद पुराने पाठ पर लौटने की सलाह देती है। शिक्षक की मिसाल देखने के बाद कॉपी बंद करो। अगला सवाल किसी अलग पन्ने पर हल करो ताकि पिछली पंक्तियाँ संकेत न देती रहें।
NEET UG के लिए रसायन पढ़ते समय इसी तरीके को घोल की सांद्रता पर लगा सकते हो। अभ्यास में पहले तय करो कि सवाल में विलेय की मात्रा पूछी गई है या पूरे विलयन की सांद्रता। दी हुई राशि के आगे उसकी इकाई लिखो। फिर समझाओ कि तुम्हारे हिसाब में विलयन का आयतन कहाँ इस्तेमाल होगा। किसी सहपाठी से कहो कि वह सवाल की भाषा बदलकर पढ़े। यदि तुम अब भी ज़रूरी राशियाँ पहचान लेते हो, तो अगली बैठक में इसे दूसरे विषय के सवालों के साथ रखो।
उदाहरण: अध्ययन योजना के 90 दिन
दिन 1 से 24। पुरानी शीट से बुनियादी चूकें चुनो। शुरुआत उस कौशल से करो जो आगे के सवालों में भी काम आएगा। मान लो कि वर्ग करने पर तुम्हें 2 मान मिले। दोनों को मूल समीकरण में अलग-अलग रखकर जाँचो और जिस मान को हटाया है उसके सामने वजह लिखो। इस दौर के अंत में वैसा ही सवाल बिना शीर्षक वाली पर्ची पर हल करो।
दिन 25 से 52। अब देखने में मिलते-जुलते सवाल साथ लो। रसायन की कॉपी से 2 सवाल चुनो। एक में पानी मिलाने के बाद की सांद्रता निकालो और दूसरे में दिए हुए विलयन में विलेय की मात्रा। सूत्र लिखने से पहले बोलकर बताओ कि क्या बदल रहा है और क्या वही रह रहा है। यदि गणना ठीक निकली लेकिन वजह समझाते समय तुम अटक गए, तो पर्ची फिर अभ्यास के लिए रखो।
दिन 53 से 78। पढ़ाई के लिए तय समय में अलग-अलग अध्यायों के सवाल मिलाकर हल करो। बीच में उत्तर देखने के बजाय अटके हुए कदम पर निशान बनाओ। अभ्यास के बाद ऐसी गलती चुनो जिसकी वजह तुम बदल सकते हो। इकाई बदलना छूटा था तो बाद में वही हिसाब नई इकाई के साथ करो। सवाल का अर्थ समझने में दिक्कत आई थी तो गणना करने से पहले उसे अपने शब्दों में लिखो।
दिन 79 से 90। जिन सवालों को पहले हल करने के लिए संकेत चाहिए था, उन्हें दोबारा उठाओ। किसी शाम स्कूल की प्रैक्टिकल फ़ाइल जमा करने की तैयारी है तो छोटी बैठक रखो। उसमें पुरानी पर्ची का निर्णायक कदम लिखना भी काम है। लंबी अभ्यास बैठक ऐसे दिन रखो जब हल देखने और उसे सुधारने का समय भी मिल सके।
रुके हुए काम को फिर शुरू करने की जगह बनाओ
बीच में स्कूल की परीक्षा आ जाए तो अधूरे दिन काटकर सारा काम अगले रविवार पर डालने से पहले देखो कि कौन सा काम अगले अध्याय का रास्ता रोक रहा है। उसे अपनी कॉपी में खुला छोड़ो। अतिरिक्त सवालों की शीट पर उस अध्याय का नाम और अपनी मुश्किल लिखकर अलग रख दो। जब अगली बार समय मिले तो हाशिये की पंक्ति पढ़ो और वहीं से हल शुरू करो। अपनी प्रगति का हिसाब लगाते समय पूरी हुई शीट के साथ यह भी देखो कि अब तुम कौन सा फैसला बिना संकेत के ले पा रहे हो।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूरी तैयारी शुरू करने से पहले क्या पूरा मॉक टेस्ट देना ज़रूरी है?
शुरुआत के लिए हाल की क्लास की कॉपी या अध्याय की अभ्यास शीट भी लो। ऐसा हल चुनो जिसमें तुम्हारे सोचे हुए कदम दिखते हों। उससे तय करो कि अगली बैठक में क्या जाँचना है।
बोर्ड की पढ़ाई और प्रवेश परीक्षा की तैयारी साथ कैसे चलाऊँ?
स्कूल में चल रहा ऐसा विषय चुनो जिसका अभ्यास प्रवेश परीक्षा के लिए भी करना है। स्कूल की कॉपी में पूरा तर्क लिखो और बाद में उसी अवधारणा को बदली हुई परिस्थिति में आज़माओ।
मॉक का नतीजा सुधर जाए तो किस विषय पर लौटूँ?
वे सवाल देखो जिनमें तुमने सही उत्तर चुना और वजह बताते समय अटक गए थे। अगले अभ्यास में विकल्प ढककर वही फैसला समझाओ।
आधिकारिक स्रोत
- Organizing Instruction and Study to Improve Student Learning · Institute of Education Sciences

